अगर आप भी फंड मैनेजर बनना चाहते हैं और आप भी निवेशकों (investors) के पैसे को सही जगह लगाकर उनकी कमाई बढ़ाना चाहते हैं तो आप सही जगह पर हैं फंड मैनेजर बनना एक बहुत ही जिम्मेदार और बेहतर करियर ऑप्शन है।
इस आर्टिकल में मैं आपको बताऊंगा कि फंड मैनेजर बनने के लिए क्या-क्या योग्यताएं और क्या-क्या कोर्सेज़ करने होते हैं साथ ही इस पेशे में करियर बनाने के लिए कुछ टिप्स भी देंगे।
अगर आप भी इस फील्ड में करियर बनाना चाहते हैं तो पढ़ते रहिए।
फंड मैनेजर क्या होता है |
Table of Contents (toc)
Fund Manager कैसे बने ?
दोस्तो फंड मैनेजर बनने के बारे में जानने से पहले आपको यह जानना होगा कि फंड मैनेजर क्या होता है और इसके क्या काम होते है।
Mutual Fund मैनेजर क्या होता है ?
फंड मैनेजर एक Professional होता है जो म्यूचुअल फंड Plans के इन्वेस्टमेंट का मैनेजमेंट करता है वह इन्वेस्टर्स द्वारा जमा किए गए पैसे को कई प्रकार की संपत्तियों, जैसे कि शेयर, बॉन्ड, और डेट इंस्ट्रूमेंट्स में इन्वेस्ट करता है फंड मैनेजर का लक्ष्य इन्वेस्टर्स को उनके इन्वेस्ट पर ज्यादा से ज्यादा रिटर्न प्रदान करना होता है।
वह स्कीम के जोखिम के लेवल के हिसाब से इन्वेस्टर्स की कमाई बढ़ाने की कोशिश करता है फंड मैनेजर को फंड के मकसद के अनुसार पैसे कहां-कहां लगाने हैं इस इन्वेस्ट स्ट्रेटेजी पर अमल करने की जिम्मेदारी होती है
शेयर बाजार का क्षेत्र लगातार बढ़ रहा है कंपनियों या फंड हाउस में अलग-अलग प्रोफेशनल काम किए जाते हैं। इनमें से एक फंड मैनेजर की Job होती है।
म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में फंड मैनेजर की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होती है वही फंड हाउस का चेहरा होता है निवेशक (Investor) अपनी बचत फंड मैनेजर की प्रतिष्ठा पर भरोसा करके लगाते हैं ये एक जिम्मेदार नौकरी होती है।
फंड मैनेजर का क्या काम होता है ?
1. फंड स्कीम की निवेश स्ट्रैटेजी बनाना और उसपर अमल करना।
2. फंड से जुड़े Investors से मिलकर उनकी जरूरतों को समझना।
3. शेयर बाजार और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों पर नजर रखना।
4. शेयरों और अन्य प्रतिभूतियों (Securities) में Invest करने का फैसला लेना।
5. फंड का परफॉरमेंस और Investors की अमाउंट पर नजर रखना।
6. इन्वेस्टर्स से मिलकर उनकी शिकायतों का समाधान करना।
7. इन्वेस्ट पोर्टफोलियो को मैनेज करना
8. फंड हाउस केटारगेट और उद्देश्यों को पूरा करना।
9. फंड की परफॉरमेंस मापने की रिपोर्ट तैयार करना।
10. इन्वेस्टर्स को जागरूक करना और नए ग्राहक जुटाना।
11. इन्वेस्टर्स को फाइनेंसियल सलाह देना
12. मार्किट के ट्रेंड्स पर नजर रखना
फंड मैनेजर बनने के लिए योग्यता
आपको 12वीं क्लास कॉमर्स या फाइनेंस स्ट्रीम से करनी होगी।
आपको फाइनेंस या Commerce में ग्रेजुएशन करनी होगी।
फंड मैनेजमेंट या इक्विटी रिसर्च का पोस्ट ग्रेजुएशन डिग्री होना अच्छा होता है।
आपको 2 से 3 साल शेयर बाजार या फाइनेंशियल सर्विसेज का एक्सपीरिएंस होना चाहिए।
आपको फंड हाउस से इंटरव्यू क्लियर करना पड़ता है और नियुक्ति प्राप्त करनी होती है।
सेबी (SEBI) Securities and exchange board of india से लाइसेंस प्राप्त करना जरूरी है ताकि आप आधिकारिक तौर पर फंड मैनेज कर सके।
आपको फंड मैनेजर बनने के लिए आपके पास बीकॉम, बीबीए, बीबीएम जैसी ग्रेजुएशन की डिग्री होनी चाहिए या फिर फाइनेंस और इन्वेस्टर से संबंधित कोई भी इक्विवेलेंट डिग्री होनी चाहिए।
फाइनेंशियल मैनेजमेंट में बीकॉम या इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट में बीकॉम जैसे कोर्स से आपको इस फील्ड में करियर शुरू करने के लिए आवश्यक एकेडमिक सहायता मिलेगी।
ये डिग्री आपको फंड मैनेजमेंट के फील्ड की बेसिक जानकारी देंगी जो कि इस जॉब के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
Fund Manager बनने के लिए कौन - कौन सी स्किल्स होनी चाहिए ?
- आपको फाइनेंस मार्किट और इक्विटी में गहरी जानकारी होना जरुरी है
- आपको रिस्क और रिटर्न के बीच बैलेंस समझना आना चाहिए
- आपको शेयरों और अन्य इन्वेस्ट ऑप्शन का एनालिसिस करना आना चाहिए
- ग्राहकों की जरूरतों को समझना और उनके लिए सही स्टेटजी बनाना आना चाहिए
- अच्छी बातचीत, समस्या समाधान और टीम वर्क कौशल
- रिपोर्ट तैयार करने और प्रेजेंटेशन की क्षमता
- निर्णय लेने और जोखिम उठाने की हिम्मत
- कंप्यूटर और फाइनेंस सॉफ्टवेयर का ज्ञान होना
Fund मैनेजर बनने के लिए परीक्षा
फंड मैनेजर की सैलरी कितनी होती है ?
फंड मैनेजर को कौनसी कंपनी में जॉब अप्लाई सकते है ?
- SBI म्यूचुअल फंड
- आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड
- बिरला सनलाइफ म्यूचुअल फंड
- एचडीएफसी म्यूचुअल फंड
- यूटीआई म्यूचुअल फंड
- एक्सिस म्यूचुअल फंड
- रिलायंस म्यूचुअल फंड
- कोटक म्यूचुअल फंड
- एसबीआई कैपिटल मार्केट्स
- निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड
- एचडीएफसी सिक्योरिटीज
- आईसीआईसीआई डायरेक्ट
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